भारत ने कल तड़के पुलवामा हमले का करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को नेस्तनाबूद कर दिया। भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (LoC) को पार कर इस 'गैर-सैन्य' और 'निवारक' (Pre-emptive) कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 300 आतंकवादियों और उनके कमांडरों के मारे जाने की खबर है।
ऑपरेशन बंदर: 21 मिनट में मिशन पूरा मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे, जब पूरा पाकिस्तान सो रहा था, भारतीय वायुसेना के विमानों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में स्थित आतंकी अड्डों पर लेजर-गाइडेड बमों से हमला किया। खुफिया जानकारी के अनुसार, यहाँ बड़ी संख्या में फिदायीन हमलावर भारत पर हमले की योजना बना रहे थे। हमले के बाद सभी भारतीय विमान बिना किसी नुकसान के सुरक्षित वापस अपनी सीमा में लौट आए।सरकार का आधिकारिक बयान विदेश सचिव विजय गोखले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि यह हमला पूरी तरह से खुफिया जानकारी पर आधारित था ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न हो। उन्होंने बताया कि इस कैंप का संचालन मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर कर रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजस्थान के चुरू में एक रैली के दौरान देश को आश्वस्त करते हुए कहा, "सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं झुकने दूँगा।"
इस साहसी एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की सेना और सरकार में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने सीमा उल्लंघन का आरोप लगाया है, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कदम केवल आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा के लिए उठाया गया था। सीमा पर सुरक्षा बलों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के इस कड़े रुख का बारीकी से अवलोकन कर रहा है।देशभर में कल शाम से ही लोग सड़कों पर उतरकर तिरंगा लहरा रहे हैं और 'भारत माता की जय' के नारों के साथ सेना के शौर्य का जश्न मना रहे हैं।










