कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का कल रंगारंग समापन हो गया और भारतीय एथलीटों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए तिरंगा बुलंद किया। बर्मिंघम में खेले गए इन खेलों में भारत ने कुल 61 पदक अपने नाम किए। खास बात यह रही कि इस बार भारत के सबसे मजबूत खेल 'निशानेबाजी' को शामिल नहीं किया गया था, इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अन्य स्पर्धाओं में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर अपनी ताकत का लोहा मनवाया।
कुश्ती और बैडमिंटन में भारत का दबदबा
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कुश्ती में भारतीय दल ने करिश्माई प्रदर्शन किया। बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, रवि दहिया, दीपक पूनिया और नवीन ने गोल्ड मेडल जीतकर कुश्ती में भारत को नंबर-1 बनाया।
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स्टार शटलर पीवी सिंधु ने अपना पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड जीता। उनके साथ ही लक्ष्य सेन और पुरुष डबल्स जोड़ी (सात्विक-चिराग) ने भी सोने पर कब्जा कर बैडमिंटन में भारत का परचम लहराया।
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भारत ने इस बार 'लॉन बॉल्स' में अपना पहला पदक जीता और वो भी सीधे गोल्ड। 'फोर विमेन' टीम की इस सफलता ने पूरे देश को चौंका दिया।
शरथ कमल: 40 की उम्र में 4 मेडल का करिश्मा
टेबल टेनिस दिग्गज अचंता शरथ कमल इस साल के सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे। उन्होंने पुरुष सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स और टीम इवेंट में गोल्ड समेत कुल 4 मेडल जीते। वहीं, एथलेटिक्स में एल्डोस पॉल ने ट्रिपल जंप में ऐतिहासिक गोल्ड जीतकर नया इतिहास रच दिया।
पहली बार शामिल हुए महिला क्रिकेट में भारतीय टीम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से करीबी मुकाबले में हार गई और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। पुरुष हॉकी टीम को भी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मिला, जबकि महिला हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर ऐतिहासिक ब्रोंज मेडल जीता।









