राम की पैड़ी पर कल शाम एक ऐसा दृश्य दिखा जिसे देखकर लगा मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित 'दीपोत्सव 2018' के अवसर पर अयोध्या ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है। सरयू नदी के तट पर एक साथ 3 लाख 1 हजार 152 दीये जलाए गए, जिससे पूरी रामनगरी रोशनी से सराबोर हो गई।दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला बनीं मुख्य अतिथि इस बार का दीपोत्सव विशेष रहा क्योंकि इसमें दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला, किम जुंग-सुक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इस दौरान अयोध्या और दक्षिण कोरिया के प्राचीन संबंधों को याद करते हुए रानी हो (Princess Suriratna) के स्मारक का शिलान्यास भी किया गया।लेजर शो और रामलीला का आकर्षण दीपों के प्रज्वलन के साथ-साथ सरयू तट पर शानदार वॉटर लेजर शो का आयोजन किया गया, जिसमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत किया गया। साथ ही इंडोनेशिया, रूस और त्रिनिदाद जैसे देशों से आए कलाकारों ने रामलीला का मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम को जब एक साथ लाखों दीये जले, तो पूरा आसमान आतिशबाजी और रोशनी से भर उठा।
अयोध्या को मिली नई पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर फैजाबाद जिले का नाम बदलकर 'अयोध्या' करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अयोध्या हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। दीपोत्सव के इस भव्य आयोजन ने न केवल अयोध्या को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया है, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान की एक नई मिसाल भी पेश की है।







