कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 8 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन में अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाया। आज यानी 25 मार्च से पूरे देश में 21 दिनों का संपूर्ण लॉकडाउन लागू हो गया है। पीएम ने साफ लहजे में कहा कि कोरोना की संक्रमण चेन को तोड़ने का सिर्फ यही एक रास्ता है। आज से देश का हर नागरिक जहाँ है, उसे वहीं रहना होगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि यह लॉकडाउन किसी कर्फ्यू से कम नहीं है। उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना की चेन तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत जरूरी है। अगर हम इन 21 दिनों में नहीं संभले, तो आपका परिवार और देश 21 साल पीछे चला जाएगा।" उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक न करें।
आज सुबह से ही देशभर के प्रमुख शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। दिल्ली की कनॉट प्लेस हो या मुंबई का मरीन ड्राइव, हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और पुलिस का पहरा है। सभी राज्यों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। रेल, बस और हवाई यात्रा पर पूरी तरह रोक है। केवल मालगाड़ियों और ट्रकों को अनुमति दी गई है जो जरूरी सामान की आपूर्ति (सप्लाई) करेंगे।
आम जनता की सुविधा के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी जरूरतों की चीजें मिलती रहेंगी:
- खाने-पीने का सामान: अनाज, दूध, फल और सब्जी की दुकानें खुली रहेंगी।
- स्वास्थ्य सेवाएं: अस्पताल, क्लीनिक और मेडिकल स्टोर पर कोई पाबंदी नहीं है।
- बैंकिंग और संचार: बैंक, एटीएम, डाकघर और इंटरनेट सेवाएं चालू रहेंगी।
- प्रशासन: पुलिस, फायर ब्रिगेड और बिजली-पानी से जुड़ी नगर निगम की टीमें सक्रिय रहेंगी।










