कल रात एजबेस्टन के मैदान पर जब भारी बारिश ने खेल में खलल डाला, तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि क्रिकेट प्रेमियों को इतना जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। लेकिन जब बादल छंटे और मैच को प्रति पक्ष 20 ओवर का कर दिया गया, तो भारतीय टीम ने वह जज्बा दिखाया जिसने उन्हें पूरी दुनिया का 'चैंपियन' बना दिया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन और रोहित शर्मा जल्द ही पवेलियन लौट गए। मुश्किल परिस्थितियों में विराट कोहली (43 रन) और रविंद्र जडेजा (33 नाबाद) ने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं, जिसकी बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 129/7 का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। हालांकि, कम स्कोर को देखते हुए लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से जीत दर्ज कर लेगा।इंग्लैंड की पारी के दौरान एक समय ऐसा आया जब इयोन मोर्गन और रवि बोपारा मैच को भारत से दूर ले जा रहे थे। लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर अपनी चतुराई दिखाई। ईशांत शर्मा ने एक ही ओवर में दोनों जमे हुए बल्लेबाजों (मोर्गन और बोपारा) को आउट कर मैच का पासा पलट दिया। अंतिम ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 15 रनों की दरकार थी, लेकिन रविचंद्रन अश्विन ने अपनी सधी हुई गेंदबाजी से केवल 9 रन दिए।रविंद्र जडेजा इस जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने न केवल बल्ले से अहम योगदान दिया, बल्कि अपनी फिरकी से दो महत्वपूर्ण विकेट भी झटके। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया, साथ ही पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने के लिए उन्होंने 'गोल्डन बॉल' पर भी कब्जा जमाया।इस पूरे टूर्नामेंट में शिखर धवन का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाकर 'गोल्डन बैट' अपने नाम किया। उनकी और रोहित शर्मा की नई ओपनिंग जोड़ी भारत के लिए इस सीरीज की सबसे बड़ी खोज साबित हुई।







