दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को अपना नया राष्ट्रपति मिल गया है। चार दिनों तक चली भारी खींचतान और वोटों की गिनती के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप को हराकर व्हाइट हाउस की जंग जीत ली है। पेन्सिलवेनिया और नेवाडा जैसे अहम राज्यों में बढ़त मिलते ही बाइडेन ने बहुमत के लिए जरूरी 270 इलेक्टोरल वोटों का आंकड़ा पार कर लिया।जीत के बाद अपने गृहनगर डेलावेयर में समर्थकों को संबोधित करते हुए भावुक जो बाइडेन ने कहा, "अमेरिकी जनता ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया है। मैं ऐसा राष्ट्रपति बनने का वादा करता हूँ जो समाज को बांटने के बजाय जोड़ने का काम करेगा।" उन्होंने ट्रंप समर्थकों से भी अपील की कि अब कड़वाहट को पीछे छोड़कर एक साथ आगे बढ़ने का समय है।
इस चुनाव की सबसे बड़ी खबर कमला हैरिस की जीत रही। वे अमेरिका की पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई (भारतीय मूल) की उपराष्ट्रपति चुनी गई हैं। अपनी जीत के बाद उन्होंने कहा, "मैं इस पद पर बैठने वाली पहली महिला हो सकती हूँ, लेकिन आखिरी नहीं।" उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर भारत के तमिलनाडु में उनके पैतृक गांव से लेकर पूरी दुनिया में जश्न मनाया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हार स्वीकार नहीं की है। उन्होंने ट्वीट कर दावा किया कि "मैं यह चुनाव बहुत बड़े अंतर से जीत गया हूँ।" ट्रंप ने बिना किसी पुख्ता सबूत के चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली और 'चुराए गए वोटों' का आरोप लगाया है। उनकी लीगल टीम ने कई राज्यों में वोटों की गिनती रोकने और दोबारा गिनती के लिए याचिकाएं दायर की हैं, जिससे आने वाले दिनों में कानूनी लड़ाई और तेज होने के आसार हैं।







