FCRA 2.0 पोर्टल और डिजिटल e-OCI कार्ड लॉन्च, नागरिक सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव

| By करन मल्होत्रा | Category: National News

FCRA 2.0 पोर्टल और डिजिटल e-OCI कार्ड लॉन्च, नागरिक सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में FCRA 2.0 पोर्टल और डिजिटल e-OCI कार्ड सेवा का शुभारंभ किया। सरकार का दावा है कि इन दोनों डिजिटल पहलों से विदेशी अंशदान की निगरानी मजबूत होगी, कागजी प्रक्रिया कम होगी और दुनिया भर के 50 लाख से अधिक OCI कार्डधारकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने FCRA 2.0 पोर्टल और डिजिटल e-OCI कार्ड सेवा का शुभारंभ किया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में गृह सचिव, विदेश सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि इन दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों, विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले संगठनों और प्रवासी भारतीयों को तेज, सरल और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार "मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस" के सिद्धांत पर कार्य कर रही है और तकनीक का उपयोग प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, जब नीतियां स्पष्ट हों और तकनीक का सही उपयोग किया जाए तो ईमानदार लोगों के लिए प्रक्रियाएं आसान हो जाती हैं, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी निगरानी संभव होती है।

FCRA 2.0 पोर्टल क्या है?

Foreign Contribution (Regulation) Act (FCRA) के तहत विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले संगठनों की पंजीकरण, नवीनीकरण, वार्षिक रिटर्न और अन्य अनुपालन प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने के उद्देश्य से FCRA 2.0 पोर्टल विकसित किया गया है। यह नया प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड डिजिटल व्यवस्था पर आधारित है, जिससे आवेदन से लेकर अनुमोदन और निगरानी तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

गृह मंत्रालय के अनुसार, देश में वर्तमान में लगभग 14,500 सक्रिय FCRA पंजीकृत संगठन कार्यरत हैं। हर वर्ष लगभग 15,000 से 20,000 नए आवेदन और करीब 17,000 वार्षिक रिटर्न प्राप्त होते हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित प्रणाली की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

नई तकनीक से होगी रियल-टाइम निगरानी

FCRA 2.0 पोर्टल में आधार आधारित प्रमाणीकरण, e-Sign सुविधा, OCR (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन), एकीकृत डैशबोर्ड और विभिन्न सरकारी डेटाबेस से API आधारित इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। यह पोर्टल PAN, Aadhaar, OCI, NGO Darpan तथा ICAI के UDIN सिस्टम से भी जुड़ा होगा, जिससे सत्यापन प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक होगी। इसके अलावा पूरा सिस्टम केंद्र सरकार के 'मेघराज' (Government Cloud) पर होस्ट किया गया है, जिससे डेटा सुरक्षा भी मजबूत होगी। आने वाले समय में AI आधारित चैटबॉट, मोबाइल एप और बैंकों के लिए विशेष ऑनलाइन डैशबोर्ड भी जोड़े जाएंगे।

विदेशी अंशदान पर बढ़ेगी निगरानी

गृह मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में विदेशी अंशदान से जुड़े आवेदनों और फंड के प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में कागजी कार्रवाई कम करने के साथ-साथ विदेशी धन के उपयोग की प्रभावी निगरानी भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक है। सरकार का मानना है कि नया पोर्टल संदिग्ध या गलत उद्देश्य से आने वाले विदेशी अंशदान की निगरानी को और मजबूत करेगा तथा अनुपालन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा।

e-OCI कार्ड से प्रवासी भारतीयों को राहत

गृह मंत्रालय ने इसी अवसर पर पूरी तरह डिजिटल Electronic Overseas Citizen of India (e-OCI) Card भी लॉन्च किया। यह सेवा दुनिया भर में रहने वाले 50 लाख से अधिक OCI कार्डधारकों के लिए शुरू की गई है। इसके तहत आवेदन, दस्तावेज अपलोड और स्वीकृत कार्ड डाउनलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। अधिकांश मौजूदा OCI कार्डधारक भी बिना नई भौतिक प्रक्रिया के अपना डिजिटल कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत 20 वर्ष की आयु के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर अब हर बार नया OCI बुकलेट बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। कार्डधारकों को केवल अपने नए पासपोर्ट का विवरण ऑनलाइन अपडेट करना होगा। इससे समय, खर्च और कागजी प्रक्रिया में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही डिजिटल कार्ड के कारण दस्तावेज खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी काफी हद तक समाप्त होगी और इमिग्रेशन जांच में रियल-टाइम सत्यापन की सुविधा उपलब्ध होगी।

सरकार का कहना है कि FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, दोनों पहलें देश में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने, नागरिक सेवाओं को सरल बनाने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। गृह मंत्रालय का मानना है कि इन नई व्यवस्थाओं से विदेशी अंशदान के नियमन, प्रवासी भारतीयों को मिलने वाली सेवाओं और समग्र प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

 

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