फ्रांस ने अपना राष्ट्रीय दिवस बैस्टिल डे पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। राजधानी पेरिस के ऐतिहासिक शॉम्प्स-एलिज़े (Champs-Élysées) मार्ग पर आयोजित पारंपरिक सैन्य परेड में फ्रांस की रक्षा क्षमता, सैन्य अनुशासन और आधुनिक तकनीक का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। समारोह का नेतृत्व राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया, जबकि इसमें कई देशों के शीर्ष नेताओं, राजनयिकों और सैन्य प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी का संदेश दिया।
हर वर्ष 14 जुलाई को मनाया जाने वाला बैस्टिल डे फ्रांस के इतिहास में लोकतंत्र और स्वतंत्रता का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यह दिन वर्ष 1789 में पेरिस की बैस्टिल जेल पर जनता द्वारा किए गए कब्जे की याद में मनाया जाता है, जिसने फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत की और राजशाही व्यवस्था के अंत की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाई। यही कारण है कि यह दिवस केवल राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता और नागरिक अधिकारों का भी प्रतीक है।
इस वर्ष आयोजित सैन्य परेड में फ्रांसीसी थलसेना, नौसेना, वायु एवं अंतरिक्ष सेना, राष्ट्रीय जेंडरमेरी और विशेष सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। परेड में आधुनिक टैंक, बख्तरबंद वाहन, मिसाइल प्रणालियां और अन्य अत्याधुनिक रक्षा उपकरण प्रदर्शित किए गए। इसके साथ ही फ्रांसीसी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने आकाश में करतब दिखाते हुए राष्ट्रीय ध्वज के रंगों—नीला, सफेद और लाल—का धुएं से मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसने हजारों दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा वातावरण में फ्रांस अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यूरोप की सामूहिक सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबले, साइबर सुरक्षा और नई रक्षा तकनीकों में निवेश को आने वाले वर्षों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मैक्रों ने सहयोगी देशों के साथ रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।
समारोह में विभिन्न देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। कई विदेशी सैन्य अधिकारियों और राजनयिकों ने परेड में भाग लिया, जिससे फ्रांस के वैश्विक रणनीतिक संबंधों और रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलने का संकेत माना जा रहा है। इस अवसर पर द्विपक्षीय बैठकों और अनौपचारिक वार्ताओं के माध्यम से रक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैस्टिल डे केवल सैन्य परेड तक सीमित नहीं रहा। पूरे फ्रांस में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत समारोह, सामुदायिक आयोजन और शाम के समय शानदार आतिशबाजी का आयोजन किया गया। पेरिस के एफिल टॉवर के आसपास हजारों लोगों ने उत्सव में भाग लिया, जबकि देशभर में नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल आदर्शों का उत्सव मनाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच इस वर्ष का बैस्टिल डे समारोह केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि फ्रांस की सैन्य तैयारी, यूरोपीय सुरक्षा में उसकी भूमिका और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन बनकर सामने आया।










