उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सोमवार को भी मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार समेत छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई नदियां उफान पर हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार प्रदेश में 97 सड़कें बंद हैं, जिनमें कई प्रमुख संपर्क मार्ग भी शामिल हैं। सड़कें बंद होने से दूरस्थ गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और बीआरओ की टीमें मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
उत्तरकाशी में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार और नैनीताल समेत कई जिलों में प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन समय-समय पर यातायात रोककर मार्गों को सुरक्षित बनाने का काम कर रहा है, जबकि यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। विशेष रूप से पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और आपदा राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।










