बर्मिंघम (एजबेस्टन):
एजबेस्टन के खचाखच भरे स्टेडियम में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले के अंदर ही सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (6) और जेमिमा रोड्रिग्स (1) पवेलियन लौट गईं और भारत का स्कोर 18/2 हो गया।
यहाँ से उप-कप्तान स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। मंधाना ने जीवनदान मिलने के बाद आक्रामक रुख अपनाया और मात्र 44 गेंदों में 68 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी हुई। हरमनप्रीत ने 36 रन बनाए। आखिरी ओवरों में ऋचा घोष ने तबाही मचाते हुए महज 17 गेंदों पर 34 रन (5 चौके, 1 छक्का) कूट दिए। ऋचा ने दीप्ति के साथ मिलकर 19वें ओवर में तस्मिया रुबाब के खिलाफ 23 रन बटोरे, जिसने भारत को 170/6 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। पाकिस्तान के लिए फातिमा सना और सादिया इकबाल ने 2-2 विकेट लिए।
दीप्ति की जादुई फिरकी में फंसा पाकिस्तान
171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अच्छी रही। मुनीबा अली (41 रन, 35 गेंद) और गुल फिरोजा (12) ने पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़े। लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों, विशेषकर दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने शिकंजा कस लिया।
दीप्ति शर्मा ने बैकवर्ड पॉइंट से शानदार थ्रो मारकर खतरनाक दिख रही मुनीबा अली को रन-आउट किया और फिर गेंद से कहर बरपाया। दीप्ति ने अपने 4 ओवरों में मात्र 10 रन देकर 5 विकेट (5/10) चटकाए, जो महिला टी20 इंटरनेशनल में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। पाकिस्तान के आखिरी 9 विकेट केवल 54 रनों के अंदर गिर गए और पूरी टीम 17 ओवर में 106 रनों पर ढेर हो गई। भारत की तरफ से युवा गेंदबाज श्री चरणी ने भी शानदार स्पेल फेंकते हुए 21 रन देकर 3 विकेट हासिल किए।










