हरियाणा के औद्योगिक केंद्र मानेसर में कल बुधवार शाम को अभूतपूर्व हिंसा देखने को मिली। मारुति सुजुकी के कारखाने में श्रमिकों और सुरक्षा गार्डों के बीच हुई खूनी झड़प ने पूरे प्लांट को एक युद्ध के मैदान में बदल दिया। इस हिंसा में कंपनी के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अवनीश देव की दर्दनाक मौत हो गई है। पुलिस ने आज सुबह उनका जला हुआ शव बरामद किया।घटना की शुरुआत कल दोपहर तब हुई जब एक सुपरवाइजर और कर्मचारी के बीच विवाद के बाद प्रबंधन ने श्रमिक को निलंबित कर दिया। इसके विरोध में यूनियन और श्रमिकों का गुस्सा भड़क उठा। शाम होते-होते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उत्तेजित भीड़ ने लोहे की रॉड और डंडों से अधिकारियों पर हमला कर दिया और प्लांट के मुख्य कार्यालय में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी भी खुद को बचाने के लिए भागते नजर आए।इस हमले में दो जापानी नागरिकों सहित लगभग 100 अधिकारी और कर्मचारी घायल हुए हैं, जिन्हें गुड़गांव के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। पूरी रात मानेसर में दहशत का माहौल रहा और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।हरियाणा सरकार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने अब तक करीब 80 से ज्यादा श्रमिकों को हिरासत में लिया है और फैक्ट्री के मुख्य गेट को सील कर दिया गया है। मारुति सुजुकी प्रबंधन ने अनिश्चितकाल के लिए काम बंद करने की घोषणा की है। इस घटना ने न केवल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे औद्योगिक जगत को स्तब्ध कर दिया है।








