गुजरात की राजधानी कल दोपहर एक ऐसे खौफनाक मंजर की गवाह बनी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर), जिसने दोपहर 1:38 बजे लंदन के लिए उड़ान भरी थी, टेक-ऑफ के महज 32 सेकंड बाद सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे के करीब स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक पर गिर गई। इस भीषण हादसे में अब तक 260 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान ने रनवे छोड़ते ही अपनी ऊंचाई खोनी शुरू कर दी थी। विमान के इंजन से तेज आवाज आई और वह सीधा हॉस्टल की इमारत के ऊपरी हिस्से से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पूरा इलाका धमाके से दहल उठा और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। एनडीआरएफ (NDRF) और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि राहत कार्य में घंटों लग गए।
विमान में सवार 241 लोगों (क्रू समेत) में से किसी के बचने की उम्मीद कम ही थी, लेकिन चमत्कारिक रूप से एक यात्री को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है। दुर्भाग्यवश, विमान जिस हॉस्टल पर गिरा, वहां मौजूद 19 लोग भी इसकी चपेट में आ गए। मृतकों में कई मेडिकल छात्र और स्थानीय निवासी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे 'अत्यंत दुखद' बताया है। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री को व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10-10 लाख और घायलों के लिए ₹2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है।
शुरुआती अटकलें इंजन फेल होने की ओर इशारा कर रही हैं, लेकिन एयर इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि यह एक नया ड्रीमलाइनर विमान था और इसकी नियमित जांच की गई थी। विमान के 'ब्लैक बॉक्स' और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की तलाश की जा रही है, जिससे ही इस राज से पर्दा उठ सकेगा कि आखिर उन 32 सेकंड में कॉकपिट के अंदर क्या हुआ था।








