सदियों के लंबे इंतजार और करोड़ों हिंदुओं की आस्था का संकल्प कल साकार हो गया। उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में 'रामलला' की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी न केवल मंदिर परिसर में मौजूद 7,000 विशिष्ट अतिथि बने, बल्कि पूरी दुनिया ने इसे सीधा प्रसारण (Live) के जरिए देखा।अभिजीत मुहूर्त में जैसे ही रामलला की आंखों से पट्टी हटाई गई, उनकी अलौकिक मुस्कान और सम्मोहक छवि ने सभी को भावविभोर कर दिया। मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा तराशी गई 51 इंच की श्यामल प्रतिमा को स्वर्ण मुकुट, कौस्तुभ मणि और भव्य आभूषणों से सजाया गया था। मंदिर के मुख्य यजमान के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 84 सेकंड के शुभ मुहूर्त के दौरान पूजन संपन्न किया।
मंदिर के लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "आज हमारे राम आ गए हैं। हमारे रामलला अब टेंट में नहीं, दिव्य मंदिर में रहेंगे।" उन्होंने इस अवसर को गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और राष्ट्र के स्वाभिमान के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया। पीएम ने यह भी कहा कि राम मंदिर का निर्माण भारतीय समाज के धैर्य और न्यायपालिका पर विश्वास की जीत है।अयोध्या में कल भारत के 'मिनी वर्जन' की झलक देखने को मिली। अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, सचिन तेंदुलकर, रणबीर कपूर और मुकेश अंबानी जैसी हस्तियों ने इस उत्सव में शिरकत की। आसमान से हेलीकॉप्टरों द्वारा फूलों की वर्षा की गई और पूरी अयोध्या राम धुन और 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रही।








