उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों ने साफ कर दिया है कि सूबे में 'योगी का जादू' बरकरार है। तमाम कयासों और कांटे की टक्कर के दावों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर 273 सीटों का आंकड़ा छू लिया है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (202) से कहीं ज्यादा है। इस जीत के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने इतिहास रच दिया है; वह पिछले 37 सालों में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार सत्ता संभालने वाले यूपी के पहले मुख्यमंत्री बनेंगे।इस चुनाव में बीजेपी की जीत का मुख्य श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और योगी सरकार के कानून-व्यवस्था मॉडल को दिया जा रहा है। प्रचार के दौरान 'बुलडोजर' सुशासन का प्रतीक बनकर उभरा, जिसे जनता ने खूब सराहा। महिला वोटर्स और 'लाभार्थी वर्ग' (राशन-आवास योजना के लाभार्थी) ने बीजेपी की जीत में साइलेंट पिलर की भूमिका निभाई।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने 2017 के मुकाबले अपना प्रदर्शन बेहतर किया और 111 सीटों पर जीत दर्ज की (गठबंधन के साथ 125 सीटें), लेकिन वे सत्ता से काफी दूर रह गए। वहीं, मायावती की बसपा मात्र 1 सीट पर सिमट गई और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में उतरी कांग्रेस को केवल 2 सीटों से संतोष करना पड़ा। इन नतीजों ने यूपी में मुख्य मुकाबला 'बीजेपी बनाम सपा' तक ही सीमित कर दिया है।
नतीजों के बाद लखनऊ स्थित बीजेपी मुख्यालय में जश्न का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने अबीर-गुलाल और 'जय श्रीराम' के नारों के साथ जीत की दिवाली मनाई। जानकारी के अनुसार, योगी आदित्यनाथ होली के बाद भव्य समारोह में शपथ ले सकते हैं। इस ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी ने दिल्ली मुख्यालय से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि "यूपी के नतीजों ने 2024 की दिशा तय कर दी है।"








