खेलों के महाकुंभ 'टोक्यो ओलंपिक 2020' का कल भव्य समापन हो गया। भारत के लिए यह ओलंपिक सुनहरी यादों और ऐतिहासिक उपलब्धियों वाला रहा। भारत ने 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 4 ब्रोंज मेडल जीतकर अपना अब तक का सबसे सफल ओलंपिक अभियान पूरा किया। पदक तालिका में भारत 48वें स्थान पर रहा, जो पिछले कई दशकों में भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग है।टोक्यो ओलंपिक का सबसे बड़ा गौरव क्षण तब आया जब नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। 121 साल के ओलंपिक इतिहास में एथलेटिक्स (Track and Field) में भारत का यह पहला पदक है। नीरज के इस गोल्ड ने अभिनव बिंद्रा के बाद भारत को व्यक्तिगत स्पर्धा में दूसरा ओलंपिक गोल्ड दिलाया।
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पुरुष हॉकी: 41 साल के लंबे इंतजार के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर ब्रोंज मेडल जीता और भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग की वापसी का संकेत दिया।
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महिला हॉकी: पहली बार सेमीफाइनल तक पहुंचकर महिला टीम ने इतिहास रचा, हालांकि वे पदक से चूक गईं लेकिन उनके जज्बे को पूरी दुनिया ने सलाम किया।
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बेटियों का दम: मीराबाई चानू (सिल्वर), पीवी सिंधु (ब्रोंज) और लवलीना बोरगोहेन (ब्रोंज) ने अपनी ताकत और कौशल से वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया।
रवि दहिया और बजरंग पूनिया का कुश्ती में जलवा
कुश्ती के मैट पर रवि कुमार दहिया ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सिल्वर मेडल जीता, जबकि बजरंग पूनिया ने घुटने की चोट के बावजूद देश की झोली में ब्रोंज मेडल डाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी एथलीटों को बधाई देते हुए कहा कि टोक्यो 2020 में हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे देश को प्रेरित करने वाला है। अब पूरे देश की नजरें 2024 के पेरिस ओलंपिक पर टिकी हैं।








