भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज शानदार अंदाज में करते हुए पहले मुकाबले में मेजबान टीम को 6 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत ने हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत में गेंदबाजों और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अहम भूमिका निभाई।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और उसकी शुरुआत शानदार रही। बेन डकेट और जोस बटलर ने पहले विकेट के लिए तेज रन जोड़े, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मैच का रुख पलट दिया। एक समय इंग्लैंड का स्कोर बिना किसी नुकसान के 61 रन था, लेकिन इसके बाद टीम ने केवल 19 रन के भीतर पांच विकेट गंवा दिए। कप्तान हैरी ब्रूक, जोस बटलर और अन्य बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके।
संकट की इस घड़ी में अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने नाबाद 76 रन की संयमित पारी खेली, जबकि लियम डॉसन ने 68 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों की साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा और निर्धारित 50 ओवर में 258 रन बनाए।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो अक्षर पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने शानदार स्पेल डालते हुए 4 विकेट झटके और इंग्लैंड के मध्यक्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने वापसी मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए महत्वपूर्ण विकेट निकाले और इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाए रखा। प्रसिद्ध कृष्णा और वॉशिंगटन सुंदर ने भी कसी हुई गेंदबाजी कर बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस मुकाबले के दौरान बुमराह ने इंग्लैंड की धरती पर सबसे अधिक वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
259 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान रोहित शर्मा 11 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि अपने 300वें वनडे मैच में खेल रहे विराट कोहली भी केवल 5 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू हो गए। शुरुआती दो झटकों के बाद भारतीय टीम पर दबाव जरूर बना, लेकिन कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने पारी को संभालते हुए महत्वपूर्ण साझेदारी की। गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
हालांकि मध्य ओवरों में भारत ने कुछ और विकेट गंवाए, लेकिन इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी की। दोनों खिलाड़ियों ने नाबाद अर्धशतक लगाए और पांचवें विकेट के लिए मैच जिताऊ साझेदारी निभाई। अक्षर ने 57 रन*, जबकि सुंदर ने 52 रन* बनाकर भारत को 28 गेंद शेष रहते शानदार जीत दिला दी। दोनों बल्लेबाजों ने जोखिम से बचते हुए स्ट्राइक रोटेट की और जरूरत पड़ने पर आकर्षक चौके भी लगाए।
हरफनमौला प्रदर्शन के लिए अक्षर पटेल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने पहले गेंद से चार विकेट लेकर इंग्लैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका और फिर दबाव की स्थिति में नाबाद अर्धशतक जड़कर भारत को जीत दिलाई। लंबे समय बाद वनडे टीम में वापसी कर रहे भारतीय खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से टीम प्रबंधन का भरोसा मजबूत किया।
इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है। टी20 श्रृंखला में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह जीत भारतीय टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब दोनों टीमें दूसरे वनडे में आमने-सामने होंगी, जहां भारत श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से उतरेगा, जबकि इंग्लैंड वापसी कर सीरीज बराबर करने की कोशिश करेगा।









