पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और वित्तीय केंद्र कराची में शनिवार (27 जून) की रात एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है। शहर के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित अर्धसैनिक बल 'सिंध रेंजर्स' के प्रांतीय मुख्यालय (कमांड ऑफिस) को निशाना बनाकर किए गए इस आत्मघाती और अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमले में सुरक्षा बल के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
सैन्य और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की त्वरित और जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जबकि एक घायल हमलावर को जिंदा पकड़ लिया गया है, जिसकी पहचान एक अफगान नागरिक के रूप में हुई है।
धमाके और भीषण गोलीबारी से दहला इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुलिस के अनुसार, शनिवार रात करीब 8:30 बजे आतंकियों ने बारूद से भरी एक गाड़ी को रेंजर्स परिसर के मुख्य द्वार से टकरा दिया। जोरदार धमाके के साथ ही पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया और भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए।
धमाके के तुरंत बाद अत्याधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए परिसर के अंदर घुसने की कोशिश की। मौके पर मौजूद मुस्तैद रेंजर्स के जवानों ने तुरंत पोजीशन ली और जवाबी मोर्चा संभाला। लगभग 90 मिनट तक चली इस भीषण मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। इस दौरान एहतियात के तौर पर मौसामियात चौरंगी और आसपास के रास्तों को सील कर दिया गया था।
प्रतिबंधित संगठन ने ली जिम्मेदारी
हमले के कुछ ही देर बाद प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के अलग हुए धड़े 'जमात-उल-अहरार' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने एक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा बलों की सतर्कता के कारण आतंकियों के नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया गया और उन्हें परिसर के भीतर गहरे प्रवेश करने से रोक दिया गया।
शीर्ष नेतृत्व ने की निंदा
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। राष्ट्रपति जरदारी ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पाकिस्तानी सेना के प्रमुख ने भी देश से आतंकवाद को पूरी तरह मिटाने के संकल्प को दोहराया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाकर आगे की जांच शुरू कर दी है और शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को हाई-अलर्ट पर रख दिया गया है।






