उत्तर प्रदेश पुलिस पेंशनर कल्याण संस्थान का 20वां वार्षिक अधिवेशन पुलिस दूरसंचार मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों, विभिन्न परिक्षेत्रों व जनपदों के प्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
अधिवेशन की शुरुआत दिवंगत पुलिस पेंशनरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुई। वर्ष 2023 से 2025 के बीच 296 पुलिस पेंशनरों के निधन पर उनके योगदान को याद किया गया। यूपी पुलिस का आधिकारिक ट्वीट यहां देखें।
संस्थान की गतिविधियां और प्रगति
अधिवेशन में संस्थान की वार्षिक गतिविधियों, सदस्यता विस्तार अभियान तथा पेंशनरों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में संस्थान की इकाइयों के गठन व उनके सक्रिय संचालन की प्रगति साझा की गई। पांच जनपदों (आजमगढ़, मऊ, फतेहगढ़, बलरामपुर और बहराइच) में अभी कार्यालय स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई।
नई कार्यकारिणी का चुनाव
अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय डॉ. संजीव गुप्ता की देखरेख में संस्थान की नई राज्य स्तरीय कार्यकारिणी का निर्वाचन सम्पन्न हुआ। इसमें सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री ए.के. जैन को अध्यक्ष, सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक श्री अनिल कुमार मिश्रा को उपाध्यक्ष, सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक श्री आर.के. चतुर्वेदी को महासचिव, सेवानिवृत्त पीपीएस श्री श्यामपाल सिंह को सचिव प्रथम, सेवानिवृत्त पीपीएस श्री महेन्द्र त्रिपाठी को सचिव द्वितीय तथा सेवानिवृत्त पीपीएस श्री आर.एल. निरंजन को कोषाध्यक्ष चुना गया।
इससे पहले, पूर्व अध्यक्ष श्री सुलखान सिंह का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर उनका सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि का संबोधन
डॉ. संजीव गुप्ता ने पुलिस पेंशनरों के सम्मान, कल्याण और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति पुलिस मुख्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के अमूल्य योगदान की सराहना की और उन्हें पुलिस स्टेशनों व कार्यालयों में सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के लिए पेंशन संबंधी जानकारी, जीवन प्रमाण, ई-पेंशन पोर्टल और अन्य सुविधाओं के लिंक उपलब्ध हैं। संस्थान पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए जिला स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
यह अधिवेशन पुलिस बल के बीच निरंतरता और कल्याण की भावना को मजबूत करने वाला साबित हुआ। नई कार्यकारिणी से अपेक्षा की जा रही है कि वह पेंशनरों की समस्याओं के प्रभावी समाधान में योगदान देगी।





