इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के समापन पर साफ कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संबंध बनाने में लगाई गई राजनीतिक पूंजी पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है।
उन्होंने कहा, “मैंने जो कुछ भी किया, उस पर मुझे बिल्कुल पछतावा नहीं है।”
यह बयान ट्रंप द्वारा शेयर की गई विवादास्पद मीम के कुछ दिन बाद आया है। ट्रंप ने मेलोनी को निशाना बनाते हुए ‘रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर नीडेड’ वाली मीम शेयर की थी। ट्रंप द्वारा शेयर की गई यह छवि G7 शिखर सम्मेलन के मूल फुटेज को इमेज एडिटिंग सॉफ्टवेयर या AI टूल्स की मदद से बदलकर तैयार की गई थी।
सम्मेलन में अजीब पल
8 जुलाई को नाटो नेताओं की फैमिली फोटो के दौरान ट्रंप मेलोनी के पास से गुजरे। व्यापक रूप से सोशल मीडिया पर शेयर की गई वीडियो क्लिप्स और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान उन्होंने आंखें नहीं मिलाईं।
यह पल मीम विवाद और G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई फोटो विवाद की पृष्ठभूमि में और भी चर्चा में रहा। कई पर्यवेक्षकों ने इसे दोनों नेताओं के बीच जारी व्यक्तिगत तनाव का प्रतीक बताया। हालांकि, दोनों पक्षों ने इसे व्यक्तिगत स्तर पर सीमित रखने और गठबंधन के बड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित रखने की कोशिश की।
ट्रंप का मिश्रित रुख
ट्रंप ने सम्मेलन में मेलोनी को “एक अच्छी इंसान” बताया और मीम को लेकर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया। साथ ही उन्होंने इटली, जर्मनी और फ्रांस की आलोचना जारी रखी कि ये देश ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में पर्याप्त समर्थन नहीं दे रहे हैं।
ट्रंप का यह रुख सम्मेलन के मुख्य एजेंडा — रक्षा खर्च बढ़ाने और गठबंधन की एकता — के बीच भी दिखा। उन्होंने एक तरफ गठबंधन की ताकत की बात की तो दूसरी तरफ कुछ यूरोपीय देशों पर दबाव बनाने की कोशिश भी की।
मेलोनी का सख्त रुख और अमेरिकी सैनिकों पर बयान
मेलोनी ने किसी भी दबाव में झुकने से इनकार कर दिया। उनका बयान शांत लेकिन स्पष्ट था कि वे अपनी नीति पर अडिग रहेंगी। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि अब इटली ट्रंप के व्यक्तिगत हमलों का जवाब नहीं देगा और फोकस दोनों देशों के संस्थागत संबंधों पर रहेगा।
ट्रंप ने पहले भी यूरोप और इटली से अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने की संभावना जताई थी, जिसके बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया था। मेलोनी ने पोस्ट-सम्मेलन संबोधन में यह भी कहा कि अमेरिकी सैनिकों की इटली से वापसी के बारे में उन्हें कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस मुद्दे पर कोई औपचारिक चर्चा या निर्णय की जानकारी इटली को नहीं दी गई है।
मेलोनी के इस रुख को इटली में और यूरोप के कई हिस्सों में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने पश्चिमी एकता और साझा मूल्यों पर भी जोर दिया।
आगे की संभावनाएं
ट्रंप और मेलोनी के बीच व्यक्तिगत तनाव अभी भी मौजूद है, लेकिन दोनों पक्ष बड़े गठबंधन को बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं। मेलोनी का मजबूत बयान और अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर उनकी स्पष्टता इस बात का संकेत है कि वे अपनी नीति पर अडिग हैं और व्यक्तिगत हमलों को संस्थागत संबंधों पर हावी नहीं होने देंगी।
नाटो महासचिव मार्क रुटे ने गठबंधन की एकता पर जोर दिया। शिखर सम्मेलन में रक्षा खर्च, यूक्रेन को समर्थन और ट्रांसअटलांटिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।






