दक्षिण भारतीय सिनेमा का जलवा थमने का नाम नहीं ले रहा है। 'KGF 2' और 'कंतारा' के बाद अब एक और कन्नड़ फिल्म 'कांतारा' (Kantara) ने पूरे देश के बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला दिया है। 30 सितंबर को रिलीज हुई इस फिल्म को आज 10 दिन पूरे हो गए हैं और इसकी लोकप्रियता का आलम यह है कि फिल्म के शो अब केवल कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद जैसे शहरों में भी हाउसफुल जा रहे हैं।
फिल्म की कहानी 'दंतकथा' (Legand) पर आधारित है, जो इंसान और प्रकृति के बीच के संघर्ष को दर्शाती है। निर्देशक और मुख्य अभिनेता ऋषभ शेट्टी ने जिस तरह से कर्नाटक की स्थानीय संस्कृति, 'पंजुरली' देवता और 'भूत कोला' (Bhoota Kola) की परंपरा को स्क्रीन पर उतारा है, उसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। फिल्म का आखिरी 15-20 मिनट का क्लाइमेक्स सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे आलोचक "भारतीय सिनेमा का अब तक का सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस" बता रहे हैं।शुरुआत में यह फिल्म केवल कन्नड़ भाषा में रिलीज हुई थी, लेकिन इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब इसे हिंदी, तेलुगु और तमिल में भी डब करने की तैयारी तेज हो गई है। बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारों और क्रिटिक्स ने फिल्म की जमकर तारीफ की है। दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म अपनी जड़ों से जुड़ी होने के कारण 'KGF' और 'Pushpa' जैसी मास फिल्मों से अलग और ज्यादा प्रभावशाली महसूस होती है।
हॉम्बले फिल्म्स (Hombale Films) के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट बेहद मामूली है, लेकिन इसकी कमाई के आंकड़े बड़े-बड़े बजट वाली फिल्मों को मात दे रहे हैं। 10 दिनों के भीतर फिल्म ने अपनी लागत से कई गुना ज्यादा मुनाफा कमा लिया है और माना जा रहा है कि यह कन्नड़ सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों की सूची में शामिल होने वाली है।






